Electoral Politics Class 9 Notes Civics Chapter 4

Electoral Politics Class 9 Notes Civics Chapter 4

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संस्थानों का काम:

परिभाषा: संस्थान विभिन्न कार्यों की प्राप्ति और प्रबंधन के लिए संगठित गठबंधन होता है। ये सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक या आर्थिक मामलों में काम करते हैं।

प्रमुख संस्थान: यह संस्थान वे गठबंधन होते हैं जो समाज और सरकार की विभिन्न दिशाओं में काम करते हैं। उदाहरण स्वरूप, संसद, न्यायालय, गैर सरकारी संगठन आदि हो सकते हैं।

संस्थानों का महत्व:

सरकारी सुविधाएँ: संस्थान सरकार की सेवाएँ और सुविधाएँ प्रदान करने में महत्वपूर्ण होते हैं, जैसे कि विद्युत, पानी, स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा, आदि। ये सुविधाएँ समाज के सभी वर्गों को पहुँचाई जाती हैं।

न्यायपालिका का निर्णय: न्यायपालिका समाज में न्याय की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण होता है। यह न्यायिक निर्णयों के माध्यम से व्यक्तिगत और सामाजिक विवादों का समाधान करता है।

राजनीतिक संरचना का अभिवादन: संस्थान राजनीतिक नीतियों और निर्णयों को लागू करने में महत्वपूर्ण होते हैं। वे लोगों के अधिकारों की रक्षा करने और उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करने में मदद करते हैं।

प्रशासनिक संरचना:

प्रशासनिक संरचना का मतलब: प्रशासनिक संरचना सरकार के कामों को संचालित करने और प्रबंधित करने की प्रक्रिया होती है। इसमें विभिन्न स्तरों की संगठनाएं और विभाग होते हैं जो विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं।

विभागों का काम: विभागों के माध्यम से सरकार के विभिन्न क्षेत्रों में काम किया जाता है। उनका काम उनके विशिष्ट क्षेत्रों में नीतियों को लागू करने और सेवाएँ प्रदान करने में मदद करना होता है।

संसद

संसद एक महत्वपूर्ण और कुंजीकरण अंग है जो भारतीय गणराज्य की लोकतंत्रिक प्रणाली में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह भारतीय संविधान में प्रतिष्ठित चार शरणार्थियों में से एक है, जिनमें भारतीय जनता का स्वर रक्षित जाता है। संसद के द्वारा लोकतंत्रिक और प्रतिनिधित्व प्रणाली को स्थापित किया गया है, जिससे लोगों का आवाज सरकारी निर्णयों में शामिल हो सकता है।

संसद के प्रमुख भाग:

लोकसभा: लोकसभा संसद का एक भाग होता है जिसमें सदस्यों को जनता द्वारा चुना जाता है। यह प्रतिष्ठान का सदन होता है जिसका मुख्य कार्य नए कानूनों की पारिति, सरकार की परिसीमा को स्थापित करना और उसकी निगरानी करना होता है।

राज्यसभा: राज्यसभा भी संसद का एक अंग होता है, जिसमें राज्यों के प्रतिष्ठित नागरिकों के द्वारा चुने गए सदस्य होते हैं। यह सदन राज्यों की मुद्दों पर चर्चा करता है और उनकी सोच और दृष्टिकोण को संदर्भित करके सरकार को सलाह देता है।

संसद के कार्य:

कानून बनाना: संसद का महत्वपूर्ण कार्य नए कानूनों की रचना करना होता है और मौजूदा कानूनों को संशोधित करना होता है। यह कानून व्यवस्था को सुधारने और नवाचारों को समर्थन देने का माध्यम होता है।

सरकार की निगरानी: संसद सरकार की क्रियान्वयन को निगरानी करता है और उसके कामकाज को समीक्षा करता है। सदस्यों के द्वारा पूछताछ, विचार-विमर्श, और वोटिंग के माध्यम से सरकार की प्रदर्शनी की निगरानी की जाती है।

बजट पारित करना: संसद के पास देश के वित्तीय बजट को पारित करने की शक्ति होती है। यह बजट में विभिन्न सेक्टरों के लिए वित्त आवंटन करता है और उनके उद्देश्यों को पूरा करने में मदद करता है।

देश की मुख्य चिंताओं पर चर्चा: संसद में सदस्यों के द्वारा देश की मुख्य चिंताओं, जैसे कि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, आदि, पर चर्चा की जाती है।

संविधान में संशोधन: संसद के द्वारा संविधान में संशोधन किए जा सकते हैं। यह संविधान को नए समस्याओं और चुनौतियों के साथ अनुकूलित करने का माध्यम होता है। संसद देश के लोगों की आवाज को सरकारी निर्णयों में शामिल करने का माध्यम होता है और लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ में से एक होता है।

विधायिका की भूमिका: संसद का प्रमुख कार्यक्षेत्र विधायिका होता है, जिसमें कानूनों की पारिति, संशोधन, और नए कानूनों की रचना होती है। संसद द्वारा बनाए गए कानून देश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सदस्यों की भूमिका: संसद के सदस्यों की मुख्य भूमिका उनके प्रत्यक्ष और परोक्ष चुनाव से आती है। वे लोगों की आवाज़ को संसद में पहुँचाते हैं और सरकार की निगरानी करते हैं।

समितियाँ और संघटनाएँ: संसद में विभिन्न समितियाँ और संघटनाएँ होती हैं जो विशेष मुद्दों पर चर्चा करती हैं और विशेष जानकारी और साक्ष्यों के आधार पर संसद को सलाह देती हैं।

विशेषाधिकार और प्रिविलेजेस: संसद के सदस्यों को कुछ विशेषाधिकार और प्रिविलेजेस भी होते हैं, जैसे कि वो संसद के कार्यों में सहयोग करने के लिए नियुक्त की जा सकती हैं और संसदीय कमेटीयों का हिस्सा बन सकती हैं।

संसद की बैठकें: संसद की बैठकें नियमित अंतरालों में होती हैं, जिनमें विशेष विषयों पर चर्चा होती है और सदस्यों के द्वारा प्रस्तावित प्रश्नों का उत्तर दिया जाता है।

लोकतंत्रिक प्रक्रियाएँ: संसद लोकतंत्र की महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में से एक होती है जैसे कि बिलों को पारित करने के लिए वोटिंग और आवश्यक बहुमत की आवश्यकता होती है।

मुख्यमंत्री कार्यालय:

परिचय: मुख्यमंत्री कार्यालय राज्य सरकार का प्रमुख प्रशासनिक संस्थान होता है। यह मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव और उनके सहायकों द्वारा संचालित होता है।

महत्व: मुख्यमंत्री कार्यालय का महत्वपूर्ण काम है राज्य की नीतियों का निर्धारण करना और उन्हें संचालित करना। यहाँ पर विभिन्न क्षेत्रों में काम की प्राथमिकताएं तय की जाती हैं और समाज के विकास के लिए नीतियों की योजनाएँ तैयार की जाती हैं।

नीतियों का निर्धारण: मुख्यमंत्री कार्यालय राज्य के प्रमुख नेता के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में काम की प्राथमिकताएं और नीतियों की योजना बनाता है। ये नीतियाँ समाज के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक विकास, आदि के क्षेत्र में होती हैं।

निगरानी और मॉनिटरिंग: मुख्यमंत्री कार्यालय सरकार के विभिन्न विभागों के कार्यों की निगरानी और मॉनिटरिंग करता है। यह सुनिश्चित करता है कि सरकार द्वारा निर्धारित नीतियाँ समय पर और सही तरीके से पालन की जा रही हैं।

समाज के विकास: मुख्यमंत्री कार्यालय समाज के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान करता है। यह समाज में न्याय, सुरक्षा, सेवाएँ, और सुविधाएँ प्रदान करने में मदद करता है।

नीतिगत योजनाएँ: मुख्यमंत्री कार्यालय नई नीतियों की योजनाएँ तैयार करता है और उन्हें पार्लियामेंट और सरकार के अन्य विभागों को स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करता है।

संबंधित विभागों के साथ सहयोग: मुख्यमंत्री कार्यालय संबंधित विभागों के साथ सहयोग करता है और उनके कार्यों की मॉनिटरिंग करता है। इससे सरकार के कार्यों का समान और सुविधाजनक वितरण होता है।

न्याय प्रणाली:

न्याय प्रणाली समाज में न्याय की प्राप्ति और समानता को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण संरचना है। यह समाज के सभी वर्गों को विचारशीलता, न्याय और विकास की दिशा में एकरूपता प्रदान करने का काम करती है।

महत्व:

न्यायपालिका की भूमिका: न्याय प्रणाली समाज में न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जो न्यायिक निर्णयों का पालन करती है।

न्याय की प्राप्ति: यह सुनिश्चित करती है कि समाज के सभी व्यक्तियों को न्याय की प्राप्ति हो और कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों का उपयोग कर सके।

भाग:

न्यायिक शाखाएँ: न्याय प्रणाली में न्यायिक शाखाएँ महत्वपूर्ण होती हैं, जो मामलों की सुनवाई करती हैं और निर्णय देती हैं।

न्यायिक निर्णय: न्यायिक शाखाएँ मामलों के आधार पर न्यायिक निर्णय देती हैं, जिनसे समाज में न्याय की प्राप्ति होती है।

प्रक्रिया:

मामलों की प्रस्तुति: न्याय प्रणाली में मामलों की प्रस्तुति होती है, जिसमें विवादों या अपराधों के मामलों की जानकारी और सबूत प्रस्तुत किए जाते हैं।

सुनवाई: न्यायिक शाखाएँ मामलों की सुनवाई करती हैं, जिसमें पक्ष और विरोधी पक्ष की बातचीत और सबूत प्रस्तुत किए जाते हैं।

निर्णय: न्यायिक शाखाएँ विचारणा के बाद निर्णय देती हैं, जो मामले के सिद्धांत और न्याय की प्राप्ति को आधारित करते हैं।

समाज में योगदान:

समाज में समानता: न्याय प्रणाली समाज में समानता की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यह समाज के सभी वर्गों के लिए न्यायपूर्ण निर्णय देती है।

न्याय की प्राप्ति: यह सुनिश्चित करती है कि समाज के हर व्यक्ति को न्याय की प्राप्ति होती है और कोई भी अविचलित नहीं रहता।

संक्षिप्त में:

1 – संस्थान विभिन्न कार्यों की प्राप्ति के लिए संगठित गठबंधन होते हैं।

2 – संसद नए कानून बनाती है और सरकार के कामों की निगरानी करती है।

3 – मुख्यमंत्री कार्यालय राज्य की प्रशासनिक नीतियों का निर्धारण करता है।

4 – न्याय प्रणाली में न्यायिक शाखा, उच्च न्यायालय, और सुप्रीम कोर्ट शामिल हैं।

5 – प्रशासनिक संरचना सरकार के कामों को प्रबंधित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

परीक्षा उपयोगी महत्त्वपूर्ण प्रश्न जो मुख्यतः परीक्षाओं में देखे जाते हैं।

प्रश्न 1: संस्थानों का काम क्या होता है? उनका महत्व क्या है?

उत्तर: संस्थान विभिन्न कार्यों की प्राप्ति और प्रबंधन के लिए संगठित गठबंधन होता है। ये सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक या आर्थिक मामलों में काम करते हैं। संस्थानों का महत्व समाज के विकास और सुरक्षा में होता है।

प्रश्न 2: संसद क्या होता है और उसका काम क्या है?

उत्तर: संसद दो प्रमुख सदनों, लोकसभा और राज्यसभा से मिलकर मिलता है। लोकसभा का सदस्य जनता द्वारा चुना जाता है और यह कानूनों को बनाने और संशोधित करने का काम करता है। राज्यसभा राज्यों के प्रतिष्ठित नागरिकों के द्वारा चुना जाता है और यह राज्यों के मुद्दों का समाधान करने में मदद करता है।

प्रश्न 3: मुख्यमंत्री कार्यालय क्या होता है और उसका महत्व क्या है?

उत्तर: मुख्यमंत्री कार्यालय राज्य के प्रशासनिक कार्यों के प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण होता है। यह नीतियों का निर्धारण करता है और विभिन्न क्षेत्रों में काम की प्राथमिकताएं स्थापित करता है।

प्रश्न 4: न्याय प्रणाली क्या है और उसका महत्व क्या है?

उत्तर: न्याय प्रणाली न्याय की प्राप्ति और समाज में समानता को सुनिश्चित करने के लिए होती है। यह न्यायिक निर्णयों के माध्यम से व्यक्तिगत और सामाजिक मुद्दों का समाधान करती है।

प्रश्न 5: संस्थानों की प्रमुख भूमिकाएँ क्या होती हैं?

उत्तर: संस्थान सरकार की सेवाएँ और सुविधाएँ प्रदान करने, न्यायपालिका के निर्णयों का पालन करने, और न्यायपालिका को सहायता प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। वे समाज में न्याय की प्राप्ति और समानता को सुनिश्चित करते हैं।

प्रश्न 6: क्या विभागों का महत्व होता है? विभागों का क्या काम होता है?

उत्तर: हां, विभागों का महत्व होता है। विभागों के माध्यम से सरकार के विभिन्न क्षेत्रों में काम किया जाता है, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आदि। विभागों का काम उनके विशिष्ट क्षेत्रों में नीतियों को लागू करने और सेवाएँ प्रदान करने का होता है।

प्रश्न 7: संस्थानों का समाज में क्या महत्व होता है?

उत्तर: संस्थान समाज में न्याय, सुरक्षा, और सेवाओं की प्राप्ति को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे समाज के विकास को सुनिश्चित करने और उसकी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करते हैं।

प्रश्न 8: संस्थानों के बिना समाज कैसे प्रबंधित हो सकता है?

उत्तर: संस्थानों के बिना समाज अनुशासनहीन, असंगठित, और अन्यायपूर्ण तरीके से प्रबंधित हो सकता है। संस्थान समाज के कामों को संचालित करने और समाज के सभी वर्गों को विकास की स्थिति में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 9: न्याय प्रणाली क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: न्याय प्रणाली समाज में न्याय और निष्पक्षता की प्राप्ति को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण होती है। यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी व्यक्ति के अधिकारों का पालन हो और उनके समाज में समान मानवाधिकारों की रक्षा की जाए।

प्रश्न 10: संस्थानों का समाज और सरकार में कैसे महत्वपूर्ण योगदान होता है?

उत्तर: संस्थान समाज और सरकार में सुविधाएँ प्रदान करने, न्यायपालिका के निर्णयों का पालन करने, और समाज में समानता की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण योगदान करते हैं। वे समाज के विकास और सुरक्षा में मदद करते हैं।

प्रश्न 11: संसद की क्या प्रमुख भूमिकाएँ होती हैं?

उत्तर: संसद की प्रमुख भूमिकाएँ कानूनों की रचना, मौजूदा कानूनों की संशोधन, सरकार के कामों की निगरानी, और नई नीतियों की स्वीकृति होती है।

प्रश्न 12: मुख्यमंत्री कार्यालय क्या काम करता है?

उत्तर: मुख्यमंत्री कार्यालय राज्य के प्रशासनिक कार्यों के प्रबंधन, नीतियों का निर्धारण, और विभिन्न क्षेत्रों में काम की प्राथमिकताएं स्थापित करता है।

प्रश्न 13: संस्थानों का समाज में कैसे प्रभाव होता है?

उत्तर: संस्थानों का समाज में न्याय, सुरक्षा, सेवाएँ, और सुविधाएँ प्रदान करने में प्रभाव होता है। वे समाज के विकास और सुरक्षा को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 14: संस्थानों के बिना समाज कैसे प्रबंधित हो सकता है?

उत्तर: संस्थानों के बिना समाज असंगठित, अनुशासनहीन, और अन्यायपूर्ण तरीके से प्रबंधित हो सकता है। संस्थानों का समाज में सुविधाएँ प्रदान करने और समाज के विकास को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान होता है।

प्रश्न 15: संस्थानों का समाज और सरकार में कैसे महत्वपूर्ण योगदान होता है?

उत्तर: संस्थान समाज और सरकार में सुविधाएँ प्रदान करने, न्यायपालिका के निर्णयों का पालन करने, और समाज के विकास को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।

प्रश्न 16: संस्थानों का समाज में क्या महत्व होता है?

उत्तर: संस्थान समाज में न्याय, सुरक्षा, और सेवाएँ प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे समाज के विकास और सुरक्षा को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।

प्रश्न 17: संस्थानों के बिना समाज कैसे प्रबंधित हो सकता है?

उत्तर: संस्थानों के बिना समाज अनुशासनहीन, असंगठित, और अन्यायपूर्ण तरीके से प्रबंधित हो सकता है। संस्थानों का समाज में सुविधाएँ प्रदान करने और समाज के विकास को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान होता है।

प्रश्न 18: संस्थानों के सामाजिक महत्व को समझाएं।

उत्तर: संस्थान सामाजिक महत्व का अहम स्रोत होते हैं। वे समाज में न्याय, सुरक्षा, सेवाएँ, और समानता की प्राप्ति को सुनिश्चित करते हैं और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं।

प्रश्न 19: संस्थानों का समाज और सरकार में कैसे महत्वपूर्ण योगदान होता है?

उत्तर: संस्थान समाज और सरकार में सुविधाएँ प्रदान करने, न्यायपालिका के निर्णयों का पालन करने, और समाज के विकास को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।

प्रश्न 20: संस्थानों का समाज में क्या महत्व होता है?

उत्तर: संस्थान समाज में न्याय, सुरक्षा, सेवाएँ, और समानता की प्राप्ति को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे समाज के विकास और सुरक्षा को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।

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